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Tuesday, November 20, 2018

ख़यालों की पनाह

फ़ना होजाये हम आपके लिए ,
चाहत भी आज चाहती है वो समा 
ज़रा हटाकर तो देखो ख़यालों की पनाह को 
आपको भी नज़र आयेगा वो समा 

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