PAGES

Monday, February 1, 2016

अदा को सलाम

ज़माना ने दिया हमें तुम्हे प्यार करने का इलज़ाम 
पर हम थे इस ज़माने से अंजान 
हमने तो दिया नहीं इस रिश्ते को कोई नाम 
गुज़ारता हूँ ज़िन्दगी करते हुए तेरी हर अदा को सलाम 

No comments:

Post a Comment