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Sunday, October 25, 2015

फरक नहीं

दोस्ती में ऐसे डूब गये, कि अब सुबह और शाम का फरक नहीं 
दोस्त के खातिर ऐसा कर गये, कि अच्छा और बुरा का फरक नहीं 

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