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Monday, September 14, 2015

शबाब जो पीया है

होश में बेहोशी तेरी हुस्न ने किया है 
झूमते यु नशे में, तेरी शबाब जो पिया है 
तेरी नज़ाकत पे हमने नींद खोगया 
इश्क़ की ख़्वाबों में चैन खोगया 
होश में बेहोशी तेरी हुस्न ने किया है 
फूलों में खुमार तेरी आहट से आगया 
गुलशन में निखार तेरी मुस्कान से आगया 
झूमते यु नशे में, तेरी शबाब जो पीया है 

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