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Monday, September 28, 2015

अक्स

ढूंढने की ज़रुरत थी नहीं मुझे 
मालूम जो था, आप हो साथ हमारे 
आप मेरे बाहर का साया नहीं 
रूह में सिमटी हुई अक्स है हमारे 

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