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Sunday, September 14, 2014

हुस्न का साया

सजे है फूल आँगन में 
बजे है शेहनाई धड़कन में 
छाया है तेरा हुस्न का साया मुझ पर 
मजे है सारे, ज़िन्दगी के दामन में 

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